मंगलवार
मामूली आदमी का घोषणा पत्र

मामूली आदमी हूँ
असमय मरुँगा
तंग गलियों में
संक्रमण से
सड़क पार करते हुए
वाहन से कुचल कर
या पुलिस लाकअप में
माफ करना मुझे
अदा नहीं कर सकूँगा
मैं अपना पोस्टमार्टम खर्च !
- अरविन्द श्रीवास्तव
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प्रिय भाई,
आपकी रचनाएँ अच्छी हैं.यह कविता भी.
बधाई.
मेरे ब्लॉग ' रात के खिलाफ़ 'को समर्तःन देने के लिए भी बहुत-बहुत धन्यवाद.
आपके सुझावों एवं मार्गदर्शन की
प्रतीक्षा रहेगी.
सप्रेम आपका साथी
अरविन्द कुमार
आपकी रचनाएँ अच्छी हैं.यह कविता भी.
बधाई.
मेरे ब्लॉग ' रात के खिलाफ़ 'को समर्तःन देने के लिए भी बहुत-बहुत धन्यवाद.
आपके सुझावों एवं मार्गदर्शन की
प्रतीक्षा रहेगी.
सप्रेम आपका साथी
अरविन्द कुमार
मामूली आदमी हूँ
असमय मरुँगा
तंग गलियों में
संक्रमण से
सड़क पार करते हुए
वाहन से कुचल कर
या पुलिस लाकअप में
माफ करना मुझे
अदा नहीं कर सकूँगा
मैं अपना पोस्टमार्टम खर्च !
bhot sunder aur gambhir rachna...par aapne ye do do blog kyo bna rakhe hain....??
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असमय मरुँगा
तंग गलियों में
संक्रमण से
सड़क पार करते हुए
वाहन से कुचल कर
या पुलिस लाकअप में
माफ करना मुझे
अदा नहीं कर सकूँगा
मैं अपना पोस्टमार्टम खर्च !
bhot sunder aur gambhir rachna...par aapne ye do do blog kyo bna rakhe hain....??
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